पुलवामा के शहीदों को याद करती बाराडोली,सराईपाली जिला- महासमुन्द(छ.ग.) से सुन्दर लाल डडसेना "मधुर " की रचना- पुलवामा के शहीद

*पुलवामा के शहीद*

कितने बारूदी सुरंग बिछे हैं कश्मीर की घाटी में।
अनगिनत जवान शहीद हुए हैं कश्मीर की माटी में।
धरती का स्वर्ग कहलाता,जो फूलों की सुन्दर बाग है।
व्यर्थ न जाए 40 जवानों की शहादत पुलवामा की माटी में।

अँजुरी में चिथड़े मांस को लेकर जब जवान आया होगा।
शोकाकुल परिवार ही नहीं पूरा गाँव मातम मनाया होगा।
धरती काँपी होगी आसमान भी थरथर र्थराया होगा।
सोचो क्या हुआ होगा जब एक एक ने सौ सौ गोली खाया होगा।

बेटे का शीश धड़ से अलग देख,वो माँ कितनी रोई होगी।
बिन राखी वाली कलाई देख,वो बहन कैसे सोई होगी।
पिता अपने फर्ज के खातिर आँसुओं का घूँट पीया होगा।
सिंदूर भरने वाले ऊँगलियों के बिन,पत्नी बेसुध होई होगी।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
पिन- 493558
मोब.- 8103535652 , 9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

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