बेमौसम बारिश से परेशान किसान के दुख दर्द को बयाँ करती बाराडोली (बालसमुंद) सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- जगाना है पूरा हिंदुस्तान

*जगाना है पूरा हिंदुस्तान*
धूप छाँव,पानी बरसात में हल वो चलाता है।
जल रहा हो भूतल,पर स्वेद रक्त बहाता है।
हो जाये गर फसल अच्छी भी कभी मधुर।
अधपेट खाकर कर्ज महाजन का चुकाता है।1।
जिंदगी कट रही देखो,हल,खुरपी कुदाल से।
कब बाहर होगा किसान कर्ज के जंजाल से।
जन्म लिया मिट्टी में,फर्ज उसका ही क्यों ।
उम्र भर गूंगे बन मधुर,घुटते हैं बेहाल से।2।
किसान जहाँ है,तनिक भी आगे बढ़ता नहीं।
कर्ज का बोझ,जीवन भर साथ छोड़ता नहीं।
जवानी झुलस रही,बुढापा पीस रहा मधुर।
सरकारें भी क्यों उनकी दशा दिशा मोड़ता नहीं।3।
बस बोलने भर की है-जय जवान जय किसान।
क्यों दोनों को नहीं मिलता मधुर उचित सम्मान।
सर पर कफन हथेली में है हमेशा उनकी जान।
चलो साथियों आगे बढ़ो,जगाना है पूरा हिंदुस्तान।4।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652 , 9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

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