छत्तीसगढ़ के अन्न दान के पर्व पर बाराडोली,सराईपाली, जिला- महासमुन्द(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- अन्न दान के परब- छेरछेरा
*अन्न दान के परब-छेरछेरा*
धान पान ला मिंज के,घर मा लाए अन्न किसान।
जश्न मनावत किसान मन,करे खुलके अन्न दान।
छेरछेरा तिहार हर हवे,छग संस्कृति के पहिचान।
बनिहार किसान संगेसंग,मिले सब्बो ला सम्मान।1।
संगी संगवारी जुर मिलके,घर घर गावे मंगल गान।
अरन बरन कोदो दरन,जभे देबे तभे टरन,गूँजे गान।
छेरछेरा छेरछेरा,माई कोठी के धान ल हेरहेरा गीत।
सब्बो मुट्ठी मुट्ठी भरके,करें आज खुल के अन्न दान।2।
सबके घर मा रोटी पीठा,घर के दाई चुरोवत हे।
घर के मुड़ा बैठ डोकरी,सबला छेरछेरा देवत हे।
कोन गरीब कोन अमीर,कोन लईका कोन सियान।
आज सब्बोझन बड़े बिहनिया,छेरछेरा ला कुटत हे।3।
कोनो के घर कोनो जावय,कोनो बाजा झांझ बजावय।
जात धरम ल भूल भुलाके,गाँव खोल मा चिल्लावय।
आज बने हवें सबे मंगवईया,अउ सब्बो दान देवइया।
मिल जुर के सब्बो पूस पुन्नी छेरछेरा तिहार मनावय।4।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
पिन- 493558
मोब.- 8103535652 , 9644035652
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