सीडीएस जनरल विपिन रावत की शहादत को याद करती सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- शहादत को सलाम

*शहादत को सलाम*

सबकी आँखें नम व दिल में उदासी छाई है।
नियति हादसा या षड्यंत्र बन कर आई है।
भारत का अनमोल रतन जाबांज विपिन।
कर्त्तव्य पथ पर चल अपनी प्राण गँवाई है।1।

वतन के थे रखवाले,वतन छोड़कर चले गए।
उड़ते उड़ते गगन में,गगन छोड़कर चले गए।
मन भावुक वेदना से,स्तब्ध निःशब्द हूँ मधुर।
हादसा कहूँ या षड्यंत्र,पर नियति से छले गए।2।

एक शूरवीर बहादुर सिपाही,कर्त्तव्य निभाता है।
वीर,पराक्रम,साहस की प्रतिमूर्ति बन जाता है।
सच्चे सपूतों की शहादत को सलाम करने मधुर।
माँ भारती का तिरंगा,स्वमेव ही झुक जाता है।3।


    *सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
पिन- 493558
मोब.- 8103535652 , 9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

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