सराईपाली,जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- आभार आपका
गजल- *आभार आपका*
नमस्कार वंदन अभिनंदन आभार आपका।
पल भर ही सही मिला मुझे दुलार आपका।1।
आपके प्यार दुलार स्नेह से ही अभिभूत हूँ मैं।
अंतर्मन पुलकित बन गया कर्जदार आपका।2।
कुछ दोस्तों से शुरू हुआ यह सफर हमारा।
कारवाँ बनता गया,प्रणाम बारम्बार आपका।3।
मुश्किलों से घिरी थी जिंदगी बेवजह ही मेरी।
मार्गदर्शन से नव गतिमान हुआ उपकार आपका।4।
जीवन के राहों में कितने रिश्ते बनते बिगड़ते हैं।
पर सफर अब तक यूँ ही जारी है आभार आपका।5।
आप शामिल हुए मेरी जिंदगी में आभार आपका।
मुझे एक नई पहचान मिली ये दुआ प्यार आपका।6।
भावुक हूँ मैं मधुर,जो मिला मुझे प्यार आपका।
शब्द ही नहीं है मधुर,बारम्बार आभार आपका।7।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
साहित्य साधना सभा छत्तीसगढ़
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) पिन- 493558
मोब.- 8103535652
9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com
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