सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रक्षाबंधन पर विशेष कविता- फैलाओ तुम प्यार
*फैलाओ तुम प्यार*
है प्रीत बंधनों का,यह राखी का त्यौहार।
रेशम धागा जो बने,भाई बहन का प्यार।
बहन जैसी अपनी मानों, तुम सारा संसार।
भेद मिटा दो हृदय से,फैलाओ तुम प्यार।1।
रक्षा का वादा करें ,बहनें लें यह उपहार।
रक्षा बंधन पर्व पर,हो रक्षा का विस्तार।
रक्षा सबकी हो,न कोई निर्बल निराधार।
भेद मिटा दो हृदय से,फैलाओ तुम प्यार।2।
किसी की माथा सुनी न रहे,भाई बहन का प्यार।
न किसी की थाली करे किसी भाई का इंतजार।
अगर रिश्तों में अधूरापन,मिलकर मनाएं त्यौहार।
भेद मिटा दो हृदय से,फैलाओ मधुर तुम प्यार।3।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
9644035652
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