तिरंगे झंडे की महत्ता बताते हुए सराईपाली,जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- देश की शान- तिरंगा

*देश की शान-तिरंगा*

हर भारतीय की आन तिरंगा,हिंदुस्तान की शान तिरंगा।
एकता का पाठ पढ़ाता,तीन रंगों से रंगा सम्मान तिरंगा।
शान से लहराता नील गगन में,देश का प्यारा तिरंगा।
महज एक झंडा ही नहीं,हर भारतीय की जान तिरंगा।1।
तीन रंगों का प्यारा झंडा शान से ही लहराता है।
ऊँचे गगन में उड़ता सदा आगे बढ़ना सीखाता है।
रंग केसरिया  वीरता साहस का पाठ पढ़ाता है।
केसरिया भुजबल से दुश्मन को धूल चटाता है।
श्वेत रंग अमन चैन शांति विश्व में फैलाता है।
सबके सुख दुःख में हम काम आएँ ये बतलाता है।
सत्य अंहिसा वसुधैवकुटुम्बकम सिद्धांत के लिए।
तिरंगा हमेशा शांतिदूत का अपना फर्ज निभाता है।
हरा रंग धरती की खुशहाली को बतलाता है।
धन्य धान्य की वृद्धि कर हरियाली बढ़ाता है।
हलधर हल से अपने धरती का सीना चीरकर।
अन्न उगा लोगों की भूख प्यास को मिटाता है।
तीन रंगों के मध्य अशोक चक्र मन को भाता है।
नित रहें गतिमान पथपर ये सीख सीखाता है।
एकता सम्पन्नता की मिशाल दल चौबीस आता है।
देश की एकता अखंडता का फर्ज तिरंगा निभाता है।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
          9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर बाराडोली,सराईपाली जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- चलो मकर संक्रांति मनाएँ

बेमौसम बारिश से परेशान किसान के दुख दर्द को बयाँ करती बाराडोली (बालसमुंद) सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- जगाना है पूरा हिंदुस्तान

बाराडोली,सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़)से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की अतुकांत कविता- अपना कौन पराया कौन