नाग पंचमी पर आस्तीन के सांपों पर कटाक्ष करती सराईपाली महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"की रचना- आस्तीन के सांप

*आस्तीन के सांप*

आस्तीन के पलते साँपों को,
हमने दूध बहुत चढ़ाया है।
कैसे बताएँ उन जालिमों को,
मेरा दिल कितना दुखाया है।
मुँह में राम बगल में छुरी का,
फर्ज उन सबने निभाया है।
बेजुबान समझकर मधुर उन्हें,
तुमने कितना दूध पिलाया है।
हे प्रभु!मेरे उन शुभचिंतकों पर,
अपनी करुणा की बौछार करना।
सद्बुद्धि देकर उन मूढ़ों पर,
उनकी खाली झोली अपार भरना।
नाग नगीनों सी फितरत उनकी,
रहते साथ,पर काम बुराई करना।
जीवन में कोई दुःख दर्द न हो,
उनके हिस्से मेरी सुख शांति भरना।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
          9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर बाराडोली,सराईपाली जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- चलो मकर संक्रांति मनाएँ

बेमौसम बारिश से परेशान किसान के दुख दर्द को बयाँ करती बाराडोली (बालसमुंद) सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- जगाना है पूरा हिंदुस्तान

बाराडोली,सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़)से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की अतुकांत कविता- अपना कौन पराया कौन