स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगाँठ पर सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- मेरा प्यारा हिंदुस्तान

*मेरा प्यारा हिंदुस्तान*

हम रहें या न रहें बात देश की मान का है।
देश की मिट्टी उसकी इज्जत व शान का है।
आजादी मिली हमें कई मुश्किलों के बाद।
याद रहे हमारा देश  अमर बलिदान का है।1

दिल में जज्बा,जुनून,जोश हमेशा उमड़ती रहे।
लोगों के प्रति हमेशा प्यार की धारा बहती रहे।
आप जैसे जिस स्थिति में ही क्यों न रहें मधुर।
दिल में हमेशा  देशभक्ति की गंगा बहती रहे।2

जीवन में खुशियों का हो नूतन सबेरा।
खत्म हो जाये नफरतों का घोर अँधेरा।
गुलशन हो जाये बाग में फिर से मधुर।
सोने की चिड़ियों का हिंदुस्तान बसेरा।3

देशभक्तों से ही बचा है देश का सम्मान।
वीर योद्धाओं से बढ़ता है देश का मान।
हम मर भी जाये तो कोई गम नहीं मधुर।
कभी कम न हो पाये हिंदुस्तान की शान।4

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
          9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

Comments

  1. बहुत बेहतरीन आदरणीय श्री ,बधाई हो।

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर बाराडोली,सराईपाली जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- चलो मकर संक्रांति मनाएँ

बेमौसम बारिश से परेशान किसान के दुख दर्द को बयाँ करती बाराडोली (बालसमुंद) सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- जगाना है पूरा हिंदुस्तान

बाराडोली,सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़)से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की अतुकांत कविता- अपना कौन पराया कौन