अपने पिता(श्री जलधर डडसेना जी )के 62 जन्मदिन 29अगस्त 2021 पर सराईपाली, जिला - महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- संघर्ष का दूसरा नाम- पिता

*पिता के जन्मदिन पर कविता*

       संघर्ष का दूसरा नाम -पिता


पिता एक उम्मीद डूबती नैया की आस है।
पिता परिवार की हिम्मत और विश्वास है।
पिता संघर्ष की आँधी का दूसरा नाम  है।
पिता जिम्मेदारियों का मधुरिम अहसास है।1
सर्वशक्ति मसीहा दया डाँट दुलार के हैं सागर।
साधारण व्यक्तित्व नहीं हैं प्यार के वे गागर।
खुद के सपनों को दरकिनार कर हर पिता।
मन कोमल हृदय से वे करुणा के हैं गागर।2
पीड़ा में रहे स्वयं ,पर औरों के दुःख हरता।
कष्टों को समेट,हमारी ख्वाहिशें पूरी करता।
उम्र आपकी हो सूरज जैसी,हमें प्रकाश देते रहें।
जीवन में खुशियाँ आए,यही रब से दुआ करता।3

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
          9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर बाराडोली,सराईपाली जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़) से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की रचना- चलो मकर संक्रांति मनाएँ

बेमौसम बारिश से परेशान किसान के दुख दर्द को बयाँ करती बाराडोली (बालसमुंद) सराईपाली, जिला-महासमुंद(छत्तीसगढ़) से कवि सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की कविता- जगाना है पूरा हिंदुस्तान

बाराडोली,सराईपाली, जिला- महासमुंद(छत्तीसगढ़)से रचनाकार सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" की अतुकांत कविता- अपना कौन पराया कौन